October 30, 2026

Tejashvi Yadav: बिहार सरकार पर तेजश्वी यादव ने कोरोना को लेकर उठाये सवाल।

तेजश्वी यादव की प्रेस रिलीज़ 13 मई, 2020 :-

हम शुरू से ही बिहार सरकार को आगाह कर, सुझाव देकर लगातार माँग करते रहे है कि बिहार में कोरोना जाँच की संख्या बढ़ाई जाए। संदिग्धों के अलावा रैंडम और रेग्युलर टेस्टिंग करें लेकिन अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा कि दो महीने बीतने के बाद भी बिहार का प्रतिदिन जाँच औसत 1000 टेस्ट से भी कम है। ये एक निर्विवाद तथ्य है की अधिकतम टेस्टिंग ही कोरोना से लड़ने का सबसे कारगर हथियार है।

कोरोना नियंत्रण का नींव टेस्टिंग है। सरकार को टेस्टिंग किट्स का ख़रीद और भंडारण ज़्यादा से ज़्यादा करना चाहिए। प्रयास किया जाए की हरेक ज़िले में जाँच की व्यवस्था हो। लैब, विशेषज्ञ डॉक्टर और तकनीकज्ञ की तैनाती ज़िलास्तर पर हो। जाँच की क्षमता प्रतिदिन 5000 तक बढ़ाया जाए।

दूसरा महत्वपूर्ण विषय अस्पतालों की क्षमता बढ़ाना है। पीपीई किट्स, N-95 मास्क इत्यादि महत्वपूर्ण उपकरणों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। सरकार इन विषयों पर भी उदासीन है। नए ICU बेड, वेंटीलेटर की स्थिति यथावत बनी हुई है। कोई नया ICU बेड या वेंटीलेटर अस्पतालों को नहीं मिला। हमने मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी यह आग्रह किया था की कम से कम हरेक कमिशनरी में कोरोना समर्पित अस्पताल बनाया जाये। हरेक ज़िला नहीं तो कम से कम प्रमंडल में तो जाँच की व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार उल्टा भागलपुर में विलंब से शुरू किए गए जाँच केंद्र को ही बंद कर रही है।

‪हम फिर बिहार सरकार को आगाह कर रहे है कि इस हेल्थ इमरजेंसी में अगर सरकार का ऐसा ही ढुलमुल रवैया रहा तो आगे इसके और भी विध्वंसक परिणाम होंगे। आखिर 2 महीने की तालाबंदी में सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए क्या कदम उठाये? ये जानने का हक़ हम सभी बिहारियों को है।‬

‪‪मैं फिर से दोहराऊंगा की सरकार TEST➖ISOLATE ➖ TREAT➖TRACE ‬‪को केंद्रित कर युद्ध स्तर पर अविलंब स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाये तभी हम इस अदृश्य दुश्मन को हरा पाएँगे। तभी प्रदेश कोरोना मुक्त होगा।‬ ‬
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धन्यवाद!