News Desk: भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आ चुकी है और कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. कोरोना वायरस के मामले उस दौरान बढ़ रहे हैं, जब देशभर में टीकाकरण अभियान चल रहा है. जनवरी से शुरु हुए इस अभियान को लगभग तीन महीने हो चुके हैं. सरकारें मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालने करने की लगातार अपील कर रही हैं. इसके लिए सख़्ती भी बरती गई है. इस सबके बावजूद भी कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है. वैक्सीनेशन का कुछ खास प्रभाव नहीं दिख रहा है. ऐसे में कोरोना के अंत और उसके तरीक़ों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
कोरोना (Corona virus India) की दूसरी लहर (Covid 19 India second wave cases)में दिन-ब-दिन कोरोना के आंकड़ों में वृद्धि हो रही है. डॉक्टरों के अनुसार पहले कुछ गिने-चुने लक्षण- सर्दी खांसी, बदन दर्द (Covid 19 symptoms) से मरीज स्वयं पहचान कर पा रहे थे कि उन्हें कोरोना की संभावनाएं लग रही हैं लेकिन आज की तारीख में लक्षणों के आधार पर तय कर पाना कि कोरोना है या नहीं बहुत मुश्किल हो चुका है. कोरोना का नया वेरिएंट (covid 19 new variant) बहुत खतरनाक है इसलिए यह न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत पैदा कर रहा है बल्कि अलग-अलग मरीजों पर तरह-तरह से ये प्रभावित कर रहा है. यही वजह है कि खांसी, सर्दी, ऑक्सीजन में कमी संबंधी लक्षणों के अलावा भी कई लक्षण लोगों में नजर आ रहे हैं.
वहीं भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर को लेकर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने जहां अगले चार हफ्ते बहुत अहम बताए हैं, वहीं आईआईटी कानपुर की टीम ने गणितीय मॉडल के आधार पर कहा है कि देश में कोरोना की लहर 20 से 25 अप्रैल के बीच अपनी ऊंचाई पर होगी। ऐसे में सावधानी ही हमे सबसे ज्यादा इस बीमारी से बचा सकती है.

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